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बी डी
एल ने दि. 14 नवंबर,
2011 को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (टी आई एस एस),
एन सी एस आर हब के साथ अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्ताक्षर
किये. टी आई एस एस ने आधारभूत सर्वेक्षण कर दि. 21 मार्च
2012 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है.
टी आई एस एस के आधारभूत सर्वेक्षझा द्वारा ध्यान दिये
जाने वाले बिंदुओं के आधार पर परियोजनाओं का चयन किया गया.
इन परियोजनाओं के अनुसार,
एन जी ओ चर्चा के लिए आमंत्रित किये गये तथा पांचों
परियोजनाओं के लिए एम ओयू हस्ताक्षरित किये गये. इन पांच
परियोजनाओं में से चार एन जी ओ टी आई एस एस की सूची में
हैं तथा अंतिम पार्टी को ठेके पर निविदा प्रक्रिया द्वारा
लिया जाना है. यह डी पी ई दिशानिर्देशानुसार है
–
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क्र.सं. |
परियोजना |
एन जी ओ |
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1 |
स्वच्छता –
पर्यावरण हितैषी स्वच्छता |
एएफपीआरओ –
टी आई एस एस के साथ सूचीबद्ध |
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2 |
स्वास्थ्य रक्षा –
मोबाइल चिकित्सा इकाई |
हेल्प एज इंडिया - टी आई एस एस के साथ सूचीबद्ध |
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3 |
पेय जल –
स्वच्छ पेय जल |
नांदी फाउंडेशन - टी आई एस एस के साथ सूचीबद्ध |
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4 |
मध्याह्न भोजन |
अक्षयपात्र फाउंडेशन - टी आई एस एस के साथ
सूचीबद्ध |
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5 |
सड़क |
स्थानीय ठेकेदार (डीपीई दिशानिर्देशों के अनुसार) |
बी डी एल ने वर्ष
2012-13 के दौरान इन नैगमिक सामाजिक
उत्तरदायित्वों के निष्पादन के लिए 3.50 करोड़ रुपये
उद्दिष्ट किया है. ये सभी परियोजनाएं कार्यान्वित की जा
रही हैं.
मोबाइल चिकित्सा इकाई
बी डी एल ने दि. 20 जुलाई 2012 को तीन वर्ष के लिए हेल्प
एज इंडिया (एच ए आई),
हैदराबाद के साथ अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्ताक्षर किये.
इस अनुबंध ज्ञापन प्रलेख के अनुसार एच ए आई द्वारा एक
मोबाइल चिकित्सा इकाई चलायी जाएगी जिसके माध्यम से तीन
वित्तीय वर्ष यथा –
2012-13,
2013-14 एवं 2014-15 के लिए नलगोंडा जिला के नारायणपुर तथा
चौटुप्पल मंडल के चुने गये तांडाओं में वृद्धों की
स्वास्थ्य जांच की जाएगी और साथ ही उनको नि:शुल्क
दवाइयां भी दी जाएंगी. बी डी एल एम एम यू चलाने के लिए
होने वाला वास्तविक व्यय या अधिकतम रु. 65,05,230/-
अदा करेगा. दि. 26 सितंबर,
2012 को कंपनी के अधिशासी निदेशक (का. एवं प्रशा.) डॉ. एन
के राजू ने नलगोंडा जिले के नारायणपुर में मोबाइल
चिकित्सा इकाई का उद्घाटन किया.
एम ओ यू के मुताबिक हेल्प एज इंडिया का यह कार्य सही चल
रहा है और निर्धारित ग्रामीण प्रांतों में स्वास्थ्य
सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
मध्याह्न भोजन
बी डी एल ने पटानचेरु मंडल के 15 स्कूल के कुल 2453
विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन प्रायोजित करने के लिए
दि. 30 जुलाई 2012 को दि अक्षयपात्र फाउंडेशन (टी ए पी एफ)
के साथ अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्ताक्षर किये हैं. बी
डी एल ने टी ए पी एफ,
पटानचेरु के रसोई घर के लिए आवश्यक किचेन सामग्री देने के
लिए भी स्वीकार किया है. मध्याह्न भोजन तथा
किचेन-सामग्री का अनुमानित व्यय 33,39,750/-
रुपये है. एम ओ यू शर्तों के अनुसार दि अक्षयपात्र
फाउंडेशन को किचेन-सामग्री खरीदने के लिए रु. 15,00,000/-
की राशि दी गई. तदनुसार टी ए पी एफ ने सामग्री खरीदी और
उसका उपयोग भी कियाजा रहा है.
पर्यावरणीय स्वच्छता
बी डी एल ने सुरक्षित स्वच्छता विकसित करने के उद्देश्य
से नलगोंडा जिले के चौटुप्पल तथा नारायणपुर मंडल के चुनी
गई आदिवासी तांडाओं में 1000 शौचालयों के निर्माण के लिए
‘आहार
उत्पादन कार्यक्रम’
(ए एफ पी आर ओ) के साथ अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्ताक्षर
किये हैं. बी डी एल इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए
व्यय अदा करेगा तथा ए एफ पी आर ओ को कुल 1,99,93,375/-
रुपये की राशि देगा. दि. 19 नवंबर,
2012 को विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर ए एफ पी ए एफ पी आर
ओ ने नारायणपुर मंडल में शौचालय निर्माण का कार्य आरंभ
किया.
पेय जल
बी डी एल ने दि. 29 सितंबर 2012 को नांदी फाउंडेशन के साथ
तीन वर्ष के लिए अनुबंध ज्ञापन प्रलेख पर हस्ताक्षर किये.
अ.ज्ञा.प्र. के अनुसार नांदी फाउंडेशन नलगोंडा जिले के
नारायणपुर,
पीपल पहाड़ तथा जनगांव में तीन सामुदायिक जल-केंद्र
स्थापित करेगा. बी डी एल तीन साल तक वाटर-मशीन खरीदने,
स्थापित करने,
चलाने तथा उनके अनुरक्षण के लिए निधियां देगा. बी डी एल
पहले साल अनुरक्षण सहित अनुमानित व्यय रु. 63,84,342/-
तथा अगले दो साल प्रत्येक वर्ष के लिए रु. 9,03,102/-
की राशि देगा.
सड़क
बी डी एल लगभग 40 लाख रुपये से नलगोंडा जिले के नारायणपुर
मंडल के आईदूदोनाला तांडा में 800 मीटर की सड़क डलवाने जा
रहा है.
Ø
शिक्षा,
स्वास्थ्य एवं विक्रेता संबंधी गतिविधियों पर तीन
व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम योजित किये गये.
Ø
भारत सरकार के संगठन एम एस एम ई – डी 1 (माइक्रो,
लघु एवं मध्यम उद्यम
–
विकास संस्थान) से के सहयोग से शिक्षा से संबंधित
‘’कंप्यूटर
हार्डवेयर’’
तथा विक्रेता विकास से संबंधित
‘’सोलार
पॉवर टेक्नोलॉजी’’
विषयों पर दो व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये
गये. ये दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 से 30 दिसंबर के
दौरान आयोजित किये गये. विक्रेता विकास कार्यक्रम में 33
तथा शिक्षा संबंधी प्रशिक्षण में 29 प्रतिभागियों ने भाग
लिया. दि. 30 दिसंबर को एम एस एम ई में समापन समारोह
संपन्न हुआ जिसमें सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र
प्रदान किये गये.
Ø
अंतर्राष्ट्रीय संगठन सेंट जॉन्स अंबुलेंस असोसिएशन के
सहयोग से स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियॉं तथा
‘’प्राथमिक
उपचार’’
विषय पर व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये.
दि. 19 से 21 दिसंबर 2011 के दौरान 35 प्रतिभागियों के लिए
यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. दि. 21 दिसंबर 2011 को
सेंट जॉन्स अंबुलेंस असोसिएशन में इस कार्यक्रम का समापन
समारोह संपन्न हुआ जिसमें सफल प्रतिभागियों को
प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये.
बी डी
एल ने इन कार्यक्रमों के लिए 2.5 लाख रुपये उद्दिष्ट
किया है.
मध्याह्न भोजन
बी डी एल ने
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एन जी ओ मेसर्स अक्षय
पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मेदक जिले के पटनचेरु के
भानूर व घनपुर जिला परिषद हाई स्कूल के 428 विद्यार्थियों
के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की है. इसके अलावा,
पटनचेरु स्थित अपने मुख्य रसोई घर से विद्यार्थियों को
मध्याह्न भोजन वितरित करने के लिए मेसर्स अक्षय पात्र
फाउंडेशन को एक गाड़ी भी उपलब्ध करायी है. कंपनी ने
मध्याह्न भोजन तथा भोजन वितरण वाहन के लिए मेसर्स अक्षय
पात्र फाउंडेशन के लिए रु.10,00,286/- का चेक प्रदान किया.
दि. 31 मई, 2011 को पूर्व सी एम डी मेजर जनरल रवि खेतरपाल,
विसेमे (नि.) ने झंडी दिखाकर वाहन का शुभारंभ किया.
वर्ष 1999 से बीडीएल ने तीन दूर-दराज़ स्थित अविकसित गांवों के गतिविधियों के विकास का जिम्मा लिया है.
कोमटिकुंडा तांडा:
यह मेदक जिले के अलादुर्ग मंडल में स्थित एक दूर-दराज़ का लंबाडावासियों (अ.जा.जा.) का तांडा है. सरकारी योजना के अंतर्गत कंपनी ने यहाँ 16 पक्के मकान बनवाये. पीने के पानी के लिए बोरवेल की सुविधा उपलब्ध करायी गयी. यहाँ के निवासियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए सुविधा नियमित नि:शुल्क स्वास्थ्य जाँच कैंप आयोजित किये जाते हैं. बच्चों को किताबें तथा लेखन सामग्री देकर उन्हें प्राथमिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता है तथा कुछ बच्चों को आवसीय स्कूलों में प्रवेश दिलवाया जाता हैं. कंपनी ने स्कूल परिसर के लिए फेंसिंग करवायी है. यहाँ के स्कूली बच्चों के लिए 10 बेंचों की सुविधा उपलब्ध करायी है. प्रबंधन ने इस तांडा के विकास की गतिविधियों पर लगभग 4.5 लाख रुपये खर्च किये हैं.
अकनापल्ली गाँव :
यह गाँव रंगारेड्डी जिले के महेश्वरम मंडल में स्थित हैं. जहाँ अ.जा., अ.ज.जा. तथा पिछले वर्ग के लोग रहते हैं. कंपनी ने अतिरिक्त पानी प्रबंधन प्रणाली के तहत सुरक्षित पीने के पानी के लिए गाँव के अतराफ पाईप लाईनें बिछायी तथा स्टोरेज टैंकों की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ बोरवेल के लिए सबमेर्सेबल वाटर पम्प सेट लगवाया. यहाँ के स्कूल में प्राथमिक स्कूल के लिए पढ़ायी सामग्री तथा फर्नीचर की व्यवस्था की गयी. कंपनी ने स्कूली बच्चों तथा अंगनवाडी बच्चों के लिए 5 वर्षों तक नोटबुक तथा लेखन सामग्री का वितरण किया. बीडीएल ने विद्यार्थियों के लिए स्कूल यूनिफार्म दिये. उद्यम ने इन सब पर लगभग 3.5 लाख रुपये खर्च किये.
भानूर गाँव :
कंपनी की दूसरी इकाई इस गांव में स्थित है. कंपनी ने विद्यार्थियों की अच्छी सुविधा के लिए हाई स्कूल के मरम्मत के अतिरिक्त प्राथमिक स्तर की स्कूल बिल्डिंग बनवायी. स्कूल के लिए पढ़ाई सामग्री तथा फर्नीचर उपलब्ध कराया गया. बीडीएल ने गाँव में डांबर रोड विछवायी तथा सुरक्षित पीने का पानी जमा करने के लिए एक सम्प भी बनवाया. आज तक कंपनी ने यहाँ की विकास की गतिविधियों पर 12 लाख रुपये खर्च किये.
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